Tuesday, May 26, 2015

दिल पे मिला हुआ जख्म मिटाएं न मिटता हें... याँदों के साँयें मे जिने का गम ही नसिब होता हें उसके छोड जाने के बाद... शायर अदीम हाश्मी की दिल का दर्द बयाँ करनेवाली गजल... पसंद आएं तो "कविता मना-मनातली" पेज लाईक और शेअर करना ना भूलियेगा दोस्तो... कुछ शब्दों के मानें जो आप जानना चाहो शायद...
चार सू = In four directions, In all directions
गिलाफ़ = Cover, Envelope
[ Aadim Hashmi - Poet - Kavita Mana Manatali ]

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